पैर के बड़े अंगूठे के पास होने वाला दर्द, चुभन या सूजन कई बार नाखून काटने के तरीके से जुड़ा हो सकता है। नाखून को बहुत छोटा काटना या उसके कोनों को ज्यादा गोल करना ऐसी आम गलतियाँ हैं, जो आगे चलकर इंग्रोन टोनेल (Ingrown Toenail) का कारण बन सकती हैं।
इंग्रोन टोनेल में नाखून का किनारा आसपास की त्वचा में दबने या अंदर की ओर बढ़ने लगता है। इससे दर्द, लालिमा और सूजन हो सकती है। इस लेख में हम नाखून काटने की 5 आम गलतियों, उन्हें सही करने के तरीके और डॉक्टर से कब सलाह लेनी चाहिए, यह जानेंगे।
गलती 1: नाखून को बहुत छोटा काटना
नाखून को त्वचा के बिल्कुल पास तक काटना साफ-सुथरा लग सकता है, लेकिन इससे नाखून के त्वचा में धंसने की संभावना बढ़ सकती है।
जब नाखून बहुत छोटा काट दिया जाता है, तो उसके दोबारा बढ़ने पर आसपास की त्वचा उसके किनारे के ऊपर आ सकती है। इससे नाखून का किनारा त्वचा में दबने लगता है और आगे चलकर इंग्रोन टोनेल हो सकता है।
इसलिए नाखून को त्वचा के बिल्कुल पास से काटने के बजाय उसकी प्राकृतिक लंबाई का थोड़ा हिस्सा छोड़ना बेहतर है।
गलती 2: नाखून को सीधा काटने के बजाय कोनों को गोल करना
पैर के नाखून को बहुत ज्यादा गोल करके काटना भी समस्या पैदा कर सकता है। जब कोनों को अंदर की तरफ गहराई से काट दिया जाता है, तो नाखून बढ़ते समय उसके किनारे त्वचा की ओर जा सकते हैं।
इससे बचने के लिए पैर के नाखून को सीधा काटना बेहतर माना जाता है। कोनों को बहुत अंदर तक काटने से बचें।
गलती 3: नाखून को बिल्कुल सूखा होने पर काटना
पूरी तरह सूखे नाखून अपेक्षाकृत सख्त होते हैं और उन्हें काटते समय टूटने या असमान तरीके से कटने की संभावना हो सकती है।
ऐसा होने पर:
- नाखून का किनारा टूट सकता है।
- छोटे या नुकीले हिस्से रह सकते हैं।
- नाखून को बराबर तरीके से काटना मुश्किल हो सकता है।
नहाने या पैर धोने के कुछ समय बाद नाखून अपेक्षाकृत नरम होते हैं। ऐसे समय पर उन्हें काटना आसान हो सकता है और नाखून पर ज्यादा दबाव डालने की जरूरत भी नहीं पड़ती।
इससे नाखून को साफ और सही तरीके से काटना आसान हो सकता है।
गलती 4: नाखून को खींचकर या तोड़कर निकालना
कभी-कभी नाखून का कोई छोटा हिस्सा बाहर निकला हुआ दिखाई देता है और उसे हाथ से खींचने या तोड़ने का मन करता है। ऐसा करने से नाखून का किनारा असमान हो सकता है और पीछे कोई नुकीला हिस्सा रह सकता है।
बाद में यही हिस्सा त्वचा में चुभ सकता है और परेशानी पैदा कर सकता है।
अगर नाखून का कोई हिस्सा ज्यादा बढ़ गया है, तो उसे साफ नेल क्लिपर से धीरे-धीरे काटना बेहतर है। नाखून को हाथ से खींचकर या तोड़कर निकालने से बचें।
गलती 5: नाखून काटने के बाद नुकीला किनारा छोड़ देना
नाखून काटने के बाद उसका कोई छोटा हिस्सा नुकीला रह सकता है। नाखून बढ़ने के साथ यह हिस्सा त्वचा की तरफ मुड़ सकता है। चलने या जूते पहनने पर उस जगह दबाव पड़ने से चुभन, दर्द या जलन हो सकती है।
नाखून काटने के बाद साफ नेल फाइल से किनारे को हल्के हाथ से चिकना किया जा सकता है। हालांकि, नाखून के कोनों को गहराई से काटने या फाइल करने से बचें।
पैर के नाखून काटने का सही तरीका क्या है?
नाखून काटते समय इन आसान बातों का ध्यान रखें:
| जिससे बचें | इसके बजाय क्या करें |
| नाखून को बहुत छोटा काटना | नाखून की प्राकृतिक लंबाई का थोड़ा हिस्सा रखें |
| कोनों को बहुत गोल करना | नाखून को सीधा काटें |
| बहुत सूखे नाखून काटना | नहाने या पैर धोने के बाद काटें |
| नाखून को खींचना या तोड़ना | साफ नेल क्लिपर से काटें |
| नुकीला किनारा छोड़ना | फाइल से किनारे को हल्का चिकना करें |
| गंदे या कुंद क्लिपर का इस्तेमाल करना | साफ और अच्छी तरह कटने वाला नेल क्लिपर इस्तेमाल करें |
क्लिपर साफ और अच्छी स्थिति में होना चाहिए। बहुत कुंद क्लिपर नाखून को साफ काटने के बजाय दबा या तोड़ सकता है।
नाखून काटने के अलावा इन बातों का भी ध्यान रखें
नाखून काटने के तरीके के साथ रोजमर्रा की कुछ आदतों पर ध्यान देना भी मददगार हो सकता है।
- आगे से पर्याप्त जगह वाले जूते पहनें
बहुत टाइट या आगे से संकरे जूते पैर की उंगलियों और नाखूनों पर लगातार दबाव डाल सकते हैं। ऐसे जूते चुनें जिनमें पैर की उंगलियों को आराम से हिलाने के लिए पर्याप्त जगह हो।
- पैरों को साफ और सूखा रखें
लंबे समय तक गीले मोजे पहनने या पैरों में ज्यादा नमी रहने से त्वचा संवेदनशील हो सकती है। पैरों को नियमित रूप से साफ करना और अच्छी तरह सुखाना अच्छी आदत है।
- खेलते समय पैरों का ध्यान रखें
दौड़ने, फुटबॉल या दूसरे खेलों के दौरान पैर की उंगलियों पर बार-बार दबाव या चोट लग सकती है। सही जूते पहनना और खेलते समय पैरों की सुरक्षा का ध्यान रखना मददगार हो सकता है।
इन आदतों से इंग्रोन टोनेल से बचने की गारंटी नहीं मिलती, लेकिन ये पैरों और नाखूनों की सामान्य देखभाल में मदद कर सकती हैं।
अगर नाखून त्वचा में धंसने लगा है तो क्या करें?
जब नाखून का किनारा त्वचा में दबने लगता है, तो शुरुआत में हल्की चुभन या दर्द हो सकता है। समय के साथ लालिमा और सूजन भी दिखाई दे सकती है।
अगर आपको इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे, तो उन्हें नजरअंदाज न करें:
- नाखून के एक किनारे पर दर्द या चुभन
- नाखून के आसपास लालिमा या सूजन
- जूते पहनने या चलने पर दर्द बढ़ना
- उस जगह गर्माहट महसूस होना
- पस या किसी तरह का रिसाव दिखाई देना
- कई दिनों तक दर्द या परेशानी बनी रहना
ऐसे लक्षण होने पर डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर है। खासकर अगर दर्द या सूजन बढ़ रही हो, तो घर पर नाखून को काटकर, खींचकर या उसके अंदर का हिस्सा निकालकर समस्या ठीक करने की कोशिश न करें।
नाखून काटने की एक छोटी आदत बड़ा फर्क ला सकती है
नाखून काटने की कुछ छोटी आदतें पैर के नाखून के त्वचा में धंसने की संभावना को प्रभावित कर सकती हैं। नाखून को बहुत छोटा न काटना, कोनों को ज्यादा गोल न करना और नुकीले किनारों को हल्का चिकना करना आसान कदम हैं जिन्हें रोजमर्रा की देखभाल में शामिल किया जा सकता है।
अगर नाखून के आसपास दर्द, लालिमा या सूजन बनी रहती है, तो इसे बार-बार काटने या खींचने के बजाय वाराणसी के प्लास्टिक सर्जन से सलाह लेना बेहतर हो सकता है। सही समय पर डॉक्टर से जांच करवाने से समस्या के अनुसार उचित उपचार तय करने में मदद मिल सकती है।
लेखक:
डॉ. प्रशांत बरनवाल
- एम.बी.बी.एस., एम.एस., एम.सीएच.
- प्लास्टिक एवं कॉस्मेटिक सर्जन
- निदेशक, बनारस प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या अंदर धंसा हुआ पैर का नाखून अपने आप ठीक हो सकता है?
हल्के मामलों में सही देखभाल से परेशानी में सुधार हो सकता है। लेकिन अगर दर्द, लालिमा या सूजन बढ़ रही है, तो वाराणसी में इंग्रोन टोनेल का इलाज कराने के लिए डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर है।
2. क्या पैर के नाखून को बहुत छोटा काटने से इंग्रोन टोनेल हो सकता है?
हाँ। नाखून को बहुत छोटा काटने से उसका किनारा बढ़ते समय आसपास की त्वचा में दब सकता है। इससे नाखून त्वचा में चुभने या अंदर की ओर बढ़ने लग सकता है।
3. पैर के नाखून कितने समय में काटने चाहिए?
इसका कोई एक तय समय नहीं है। नाखून की लंबाई देखकर जरूरत के अनुसार उन्हें काटा जा सकता है। नाखून को बहुत छोटा न करना और सीधा काटना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
4. क्या टाइट जूते इंग्रोन टोनेल का कारण बन सकते हैं?
टाइट या आगे से संकरे जूते पैर की उंगलियों और नाखूनों पर दबाव डाल सकते हैं। अगर नाखून काटने का तरीका भी सही नहीं है, तो नाखून के त्वचा में धंसने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए ऐसे जूते पहनना बेहतर है जिनमें पैर की उंगलियों को पर्याप्त जगह मिले।
5. अंदर धंसे हुए नाखून के लिए डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
अगर नाखून के आसपास लगातार दर्द, लालिमा या सूजन हो, चलने या जूते पहनने में परेशानी हो या पस दिखाई दे, तो डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए। अगर समस्या बार-बार होती है, तब भी डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है। इसे डॉक्टर की व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। हर व्यक्ति में समस्या और उपचार का परिणाम अलग हो सकता है। किसी भी उपचार को शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से व्यक्तिगत सलाह लें।